Dussehra 2020

Dussehra is the main festival of Hinduism. According to religious belief, this festival is celebrated as the victory of good over evil and victory of truth over untruth. Every year this festival is celebrated on the Dashami date of Ashwin month Shukla Paksha. According to Hindu religious belief, Dussehra festival is celebrated for two reasons.

According to the legend there was a demon named Mahishasura who was a great devotee of Brahma. He pleased Brahma with his tenacity and obtained a boon. In the boon, no god, demon or any human living on earth can kill him. On receiving the boon, he became very unkind and started terrorizing all the three worlds. Troubled by her terror, the Gods and Goddesses along with Brahma, Vishnu and Mahesh gave birth to Durga as the mother power. Mother Durga and Mahishasura fought fiercely for nine days and on the tenth day, Mother Durga killed Mahishasura. This day is celebrated as the victory of good over evil. 

According to the second legend, Lord Rama worshiped Mother Goddess Bhagavatiji before invading Lanka and winning in the battle with Ravana. In Rameswaram, he worshiped Mother for nine days. Pleased with his devotion, the mother blessed Sri Ram to win in Lanka. On the tenth day, Lord Rama defeated Ravana in battle and killed him and conquered Lanka. This day is known as Vijayadashami. On the day of Dussehra, Lord Rama killed Ravana, with it is also believed that on this day, Mother Durga killed the demon Mahishasura. It is believed that whatever work is done on this day, you will definitely get auspicious benefits. Read More...



दशहरा हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत और असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। हर साल यह पर्व आश्विन मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार, दो कारणों से दशहरा पर्व मनाया जाता है। 

एक पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्माजी का बड़ा भक्त था। उसने अपने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न करके एक वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए। वरदान प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनों लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर मां शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। 

दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के साथ होने वाले युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी मां भगवतीजी की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजयदशमी के रूप में जाना जाता है। दशहरा के दिन प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया था, इसके साथ ही ये भी मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था. मान्यता है कि इस दिन जो भी काम किया जाता है, उसका शुभ फल अवश्य प्राप्त होता है। 


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