Sharad Navratri 2020 -6. Katyayani

Today is day 6 of the auspicious nine days of Navratri which is dedicated to goddess Katyayani. Navratri celebrates the nine avatars of the goddess Durga and each day is dedicated to one avatar. Since there are different avatars of the goddess, each of them signify a particular colour too. Devi Katyayani is the daughter of sage Katyayan, and got her name from her father.  

This Goddesses has four hands, she has a sword in one hand, a lotus in the other hand. She has one right hand in fearless form and the other in boon posture. She rides a lion. She is revered as the presiding deity of Vrajamandal. Their forms are very grand and divine. Their colors are shiny and phosphor like gold. 

Maa Katyayani is considered particularly important for unmarried girls. The girls, whose marriages are delayed or have trouble in marriage, worship the mother Katyayani's quadrilateral form to get rid of their trouble. Devotees who want success in the field of education must worship Goddess. Honey has special significance in the worship of Katyayani Devi. Honey should be used in Prasad on this day. The seeker attains a beautiful form by its effect. Read More…


आज नवरात्रि का छठा दिन हैं जो देवी कालरात्रि को समर्पित हैं। नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ अवतार हैं और प्रत्येक दिन एक अवतार को समर्पित है। चूंकि देवी के अलग-अलग अवतार हैं, उनमें से प्रत्येक एक विशेष रंग को भी दर्शाता है। देवी कात्यायनी ऋषि कात्यायन की पुत्री हैं, और उनका नाम उनके पिता से मिला है। 

इन देवी के चार हाथ हैं, उसके एक हाथ में तलवार है, दूसरे हाथ में कमल है। उसका एक दाहिना हाथ निर्भय रूप में है और दूसरा वरदान मुद्रा में है। वह शेर पर सवार होती है। वे वृजमण्डल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका रूप बहुत ही भव्य और दिव्य हैं। इनका वर्ण स्वर्ण के सामान चमकीला और भास्वर हैं। 

माँ कात्यायनी को अविवाहित लड़कियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन लड़कियों की शादी में देरी हो रही है या शादी में परेशानी हो रही है, उनकी परेशानी से छुटकारा पाने के लिए मां कात्यायनी के चतुर्भुज रूप की पूजा करें। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता पाने के इच्छुक भक्तों को देवी की पूजा करनी चाहिए। कात्यायनी देवी की पूजा में शहद का विशेष महत्व है। इस दिन शहद का उपयोग प्रसाद में करना चाहिए। साधक इसके प्रभाव से एक सुंदर रूप प्राप्त करता है। 


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